09/05/2026
सिर्फ तस्वीर नहीं, ये इतिहास की वो ज्वाला है जो आज भी जल रही है
पासी समाज के वो वीर महाराजा, जिन्होंने अपने खून से मिट्टी को सींचा और स्वाभिमान की मिसाल कायम की।
ना झुके, ना रुके — देश और समाज के लिए हंसते-हंसते कुर्बान हो गए।
आज भी उनकी वीरता हमारी रगों में दौड़ती है
1️⃣
तलवार से लिखा था जिन्होंने अपना इतिहास,
वो पासी वीर थे, नहीं किसी से थे वो खास।
झुके नहीं कभी, ना डर के आगे हारे,
देश के लिए जिए और देश पे ही वारे।
2️⃣
खून में है बगावत, रगों में है आग,
पासी वीरों ने लिखा अपना अलग ही राग।
मिट गए वतन पे, मगर झुके नहीं कभी,
ऐसे शेरों को सलाम, जिनकी मिसाल नहीं अभी।
3️⃣
ना ताज का घमंड, ना मौत का डर,
पासी राजा चले हमेशा सीना तान कर।
जो इतिहास में जिंदा हैं आज भी नाम,
उन वीरों को दिल से बार-बार प्रणाम।