11/10/2026
पानीपत रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव और पूर्वांचल के यात्रियों की सुविधाओं को लेकर शुरू हुआ पूर्वांचल समाज का आंदोलन आखिरकार एक महत्वपूर्ण मुकाम तक पहुंचा। कई दिनों तक शांतिपूर्ण धरना, अनशन और लगातार संघर्ष करने के बाद समाज की मांगों पर सकारात्मक पहल हुई, जिसे पूर्वांचल समाज ने अपनी एकता और संघर्ष की जीत बताया।
समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि यह जीत किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे पूर्वांचल समाज की है। उन्होंने कहा कि हजारों लोगों ने बिना किसी भेदभाव के एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की, जिसके कारण प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को उनकी मांगों पर ध्यान देना पड़ा। आंदोलन के दौरान समाज को विभिन्न सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों का भी समर्थन मिला।
पूर्वांचल समाज के नेताओं ने कहा कि यह संघर्ष केवल ट्रेनों के ठहराव का नहीं था, बल्कि लाखों यात्रियों की सुविधा, सम्मान और अधिकारों की लड़ाई थी। उन्होंने सभी समाजजनों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यदि भविष्य में भी समाज के हितों की रक्षा के लिए आवश्यकता पड़ी तो पूर्वांचल समाज इसी तरह एकजुट होकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाता रहेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि यह सफलता समाज की एकता, धैर्य और विश्वास का परिणाम है। सभी लोगों से अपील की गई कि वे इसी तरह संगठित रहें और समाज के विकास एवं अधिकारों के लिए मिलकर कार्य करें।
अंत में पूर्वांचल समाज ने कहा, "यह जीत पूरे पूर्वांचल समाज की जीत है। हम सभी साथ थे, साथ हैं और आगे भी समाज के सम्मान और अधिकारों के लिए हमेशा एकजुट रहेंगे।" अध्यक्ष उमाशंकर राय
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